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आधुनिक गीता-अल्बर्ट आइंस्टीन जब मिले रवीन्द्रनाथ टैगोर से-Modern Gita-When Albert Einstein met Rabindranath Tagore-

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आधुनिक गीता-अल्बर्ट आइंस्टीन जब मिले रवीन्द्रनाथ टैगोर से-Modern Gita-When Albert Einstein met Rabindranath Tagore-
14 जुलाई 1930 के दिन बर्लिन के पास, Caputh में रवीन्द्रनाथ टैगोर ने आइंस्टीन के घर का दौरा किया था. इन दो महान पुरुषों के बिच की चर्चा को दर्ज किया गया था और बाद में इसे जनवरी,1931 में प्रकाशित किया गया था.
tagore and einstein
टैगोर : आप व्यस्त लग रहे हैं, गणित की मदद से दो चीजों के अस्तित्व को उजागर करने के में : समय और स्पेस. जबकि मैं इस देश में आदमी की शाश्वत दुनिया के बारे में और वास्तविकता के ब्रह्मांड के विषय में लेक्चर दे रहा हूँ.
आइंस्टीन : आप इस दुनिया से अलग-थलग परमात्मा में विश्वास करते हैं?
टैगोर : अलग-थलग नहीं. ब्रह्मांड को समझने के लिए इंसान का एक अनंत व्यक्तित्व. जहाँ कुछ भी मानव व्यक्तित्व द्वारा सम्मिलित नहीं किया जा सकता वहाँ पर कुछ भी नहीं हो सकता, और इससे साबित होता है कि ब्रह्माण्ड का सत्य वोही हैं जो इन्सान का सत्य हैं.
आइंस्टीन : ब्रह्मांड की प्रकृति के बारे में दो अलग-अलग धारणाएं हैं – एकता के रूप में दुनिया मानवता पर निर्भर है, वास्तविकता के रूप में द…