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Showing posts from December 8, 2017

आखिर क्या है खास ‘आदियोगी’ की प्रतिमा में जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में हुई शामिल

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आखिर क्या है खास ‘आदियोगी’ की प्रतिमा में जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में हुई शामिल

भारत में आध्यात्मिक प्रकृति की बात करें तो हर किसी का एक ही लक्ष्य रहा है. मुक्ति आज भी हर व्यक्ति मुक्ति शब्द का अर्थ जानता है. कभी सोचा है ऐसा क्यों है? दरअसल, इस देश में आध्यात्मिक विकास और मानवीय चेतना को आकार देने का काम सबसे ज़्यादा एक ही शख्सियत के कारण है. जानते हैं कौन है वह? वह हैं शिव..! भगवान शिव के अनन्य भक्ति से प्रेरित होकर पहली बार किसी ने दुनिया में भगवान शंकर की 112 फीट की प्रतिमा स्थापित की जिसमें सिर्फ उनका चेहरा है. जी हां…! भारत के तमिलनाडु राज्य के कोयम्बटूर शहर में आध्यात्मिक गुरु जग्गी वासुदेव की अगुवाई वाली ईशा फाउंडेशन द्वारा विश्व की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा स्थापित की गई है. जिसका लोकार्पण बीते शिवरत्रि के पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. प्रतिमा की भव्यता और लोकप्रियत के कारण अर्धनिर्माण के दौरान ही इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में स्थान मिल चूका है. ‘आदियोगी’ ही नाम क्यों ? आपके मन में प्रश्न आ रहा होगा कि आखिर प्रतिमा को आदियोगी नाम क्यों दिया गया ? दरअसल प्रतिमा …

नये सॉफ्टवेयर से कुछ मिनट में होगी डीएनए की पहचान

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नये सॉफ्टवेयर से कुछ मिनट में होगी डीएनए की पहचान
‘ईलाइफ’ जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक इस तकनीक के व्यापक इस्तेमाल हो सकते है. (फाइल फोटो) क्रेडिट कार्ड के आकार का उपकरण अपने सूक्ष्म छिद्रों के जरिये विभिन्न डीएनए को अपनी ओर खींचता है. इसके बाद वह न्यूक्लियोटाइड या डीएनए के अक्षरों ए टी सी जी के क्रम का विश्लेषण करता है.न्यूयॉर्क: अनुसंधानकर्ताओं ने एक ऐसी सॉफ्टवेयर प्रणाली विकसित की है, जिसका इस्तेमाल महज कुछ मिनट में व्यक्ति के डीएनए और कोशिकाओं के सटीक पहचान में किया जा सकता है. ‘ईलाइफ’ जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक इस तकनीक के व्यापक इस्तेमाल हो सकते है. हालांकि इसका सबसे त्वरित उपयोग कैंसर के प्रयोगों में संक्रमित कोशिकाओं की पहचान करने में किया जा सकता है. अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय के यानीव एरलिच ने कहा, ‘‘हमारा तरीका समाज के लाभ के लिए तैयार प्रौद्योगिकी के नये मार्ग प्रशस्त करना है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम कैंसर अनुसंधान में कोशिका की पहचान करने की क्षमता और नये उपचारों की खोज में तेजी आने की संभावना को लेकर बहुत उत्साहित हैं.’’ यह सॉफ्टवेयर ‘मिनआयन’…