Saturday, 18 November 2017

भारत के कुछ ऐसे रहस्य जो आज तक हैं अनसुलझे

भारत के कुछ ऐसे रहस्य जो आज तक हैं अनसुलझे


भारत के कुछ ऐसे रहस्य
दुनिया भर में ना जाने कितनी ऐसी बाते हैं और कितनी ऐसी जगहें हैं जो रहस्यों से भरी हैं और इन जगहों के रहस्यों से आज तक पर्दा नहीं उठ पाया है। भारत में भी ना जाने कितने ऐसे रहस्य छुपे हैं जो आज तक अनसुलझे ही हैं। आइये आपको बताते हैं भारत की कुछ जगहों के उन रहस्यों के बारे जो आज तक अनसुलझे हैं।
1. कुछ ना खाकर भी हैं जिन्दा
एक इंसान बिना कुछ खाये कितने दिन जिन्दा रहेगा, एक समय बाद उसे जिन्दा रहने के लिए कुछ खाना ही पड़ेगा नहीं तो उसका शरीर जवाब दे देगा और उसकी मौत हो जाएगी। लेकिन भारत के “प्रहलाद भाई मगन लाल जानी” नाम के एक साधू कुछ भी नहीं खाते फिर भी ये सालों से जिन्दा हैं। देश विदेश के कई बड़े डॉक्टर्स इन पर रिसर्च कर चुके हैं और जांच कर चुके हैं की आखिर ये बिना कुछ खाये जिन्दा कैसे रह रहे हैं। लेकिन आज तक ये आश्चर्य बना हुआ है और कोई पता नहीं लगा पाया की बिना कुछ खाये ये साधू जिन्दा कैसे है।
2. मुंहनोचवा
2002 में उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में एक विचित्र सी वास्तु देखने को मिली थी जिसने अपने हमले से कई लोगों को अपना शिकार बनाया था। इस घटना में कई लोगों को गंभीर चोटें आई, कुछ लोगों की तो मौत हो गई थी। उस समय यहाँ के लोगों में इसका बहुत ज्यादा खौफ हो गया था जिसे इन्होंने मुंहनोचवा नाम दिया। लेकिन आज तक कोई पता नहीं लगा पाया की ये वस्तु क्या थी और क्यों हमले करती थी।
3. छत्तीसगढ़ की रहस्यमयी रॉक पेंटिंग
छत्तीसगढ़ के चमारा क्षेत्र की गुफाओं में कुछ रॉक पेंटिंग्स बनी हैं जिन्हें 10,000 साल पुरानी रॉक पेंटिंग्स बताया जाता है। इस पेंटिंग में एलियंस की उड़नतश्तरी (UFO) का चित्र बना है जिसमे दिखाया गया है की कुछ एलियंस मानवों का अपहरण कर रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है की उनके पूर्वजों के अनुसार यहाँ से वाकई में एलियंस इंसानों का अपहरण कर साथ ले जाते थे। लेकिन आज तक कोई ये पता नहीं लगा पाया की इन पेंटिंग का असली रहस्य क्या है और किसने ये पेंटिंग बनाई हैं।
4. क्या वाकई ताजमहल एक शिव मंदिर था?
ताजमहल के बारे में सब जानते हैं की ये शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज की याद में बनवाया था लेकिन एक मशहूर इतिहासकार और प्रोफेसर P.N OAK का दावा है की ये ताजमहल कोई प्यार की निशानी नहीं है बल्कि ये एक शिव मंदिर था जिसे तेजोमहल कहा जाता था। प्रोफेसर P.N OAK अपने कई तर्क में ताजमहल का शिव मंदिर होने का दावा करते हैं लेकिन इनके इस दावे पर कुछ ख़ास गौर नहीं किया गया क्योंकि ऐसे में देश में साम्प्रदायिक हिंसा भी हो सकती है। लेकिन इनका ये दावा एक संदेह जरूर छोड़ता है की क्या है असल में ताजमहल की हकीकत?
5. ज्वाला जी मंदिर की अखंड ज्योति
हिमाचल प्रदेश में स्थित ज्वाला देवी मंदिर में एक अखंड ज्योति है जो हमेशा जलती रहती है कभी नहीं बुझती। लेकिन आज तक कोई पता नहीं लगा पाया की क्या कारण है की ये ज्योति बुझती ही नहीं है। ऐसा भी कहा जाता है की अकबर ने इस ज्योति को कई बार बुझाने की कोशिश की लेकिन उसे सफलता नहीं मिली।
6. निधिवन, वृन्दावन
वृन्दावन के निधिवन मंदिर के बारे में ऐसी मान्यता है की यहाँ के परिसर के रंगमहल में आज भी भगवान कृष्ण का वास है। कहा जाता है की रंगमहल में भगवान कृष्ण रात के समय विश्राम करते हैं और यहाँ के पुजारी रोज रंगमहल में माखन-मिश्री का प्रसाद रखते हैं और बिस्तर बिछाते हैं और सुबह देखने पर बिस्तर ऐसा बिखरा होता है जैसे इस पर कोई सोया हो और प्रसाद भी ग्रहण किया हो। लेकिन इसके पीछे का रहस्य कोई नहीं जान पाया की वाकई में यहाँ भगवान कृष्ण का वास है या इसकी हकीकत कुछ और है।
7. जयगढ़ के किले का रहस्यमयी ख़जाना
पिंक सिटी जयपुर के जयगढ़ के किले में भी एक रहस्य छुपा है जिसका सच आज तक कोई नहीं खोज पाया है। कहा जाता है की राजा मान सिंह ने अकबर से छुपाकर यहाँ हीरे-जवाहरात और करोड़ों की संपत्ति छुपा कर रखी थी। कई बार इस खजाने को ढूंढने की कोशिश की गई लेकिन आज तक इस खजाने का पता नहीं चल पाया।
8. भारत-चीन बॉर्डर पर बना UFO Base
भारत और चीन की सीमा पर स्थित Kongka-La Pass भी अपने आप में एक रहस्य छुपाये हुए है। यहाँ लोग UFO Base होने का दावा करते हैं क्योंकि समय समय पर यहाँ लोगों को उड़न तश्तरी और अजीब से प्राणी दिखाई देते हैं। इस जगह पर कई वैज्ञानिक शोध कर चुके हैं और उन्हें खुद अजीबोगरीब चीजों का अहसास हुआ है। लेकिन इनका असली रहस्य आज तक कोई नहीं खोज पाया।

क्यों लटकाये जाते हैं घर दूकान के बाहर नींबू-मिर्च, जानिए धार्मिक और वैज्ञानिक कारण


क्यों लटकाये जाते हैं घर दूकान के बाहर नींबू-मिर्च, जानिए धार्मिक और वैज्ञानिक कारण



भारत संस्कृति और पंरपराओं का देश है। इस देश ने भले ही दुनिया को बहुत से वैज्ञानिक दिए हों, लेकिन यहां अब भी वैज्ञानिक तथ्यों से ज्यादा अंधविश्वास पर ही विश्वास किया जाता है। लोग अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए अंधविश्वास से जुड़ी वो हर चीजों को मानते हैं, जिसमें वो अपना फायदे देखते है। उन्हें शुभ अशुभ मानते हुए उन सभी नियमों का पालन करते हैं जो काफी समय से चले आ रहें हैं।
भारत में नींबू और मिर्च को एक धागे में पिरोकर घरों, दफ्तरों, दुकानों यहां तक की ट्रकों और रिक्शा में भी लटकाना एक आम चीज़ है, जो अक्सर हमें देखने को मिलती है। इसके पीछे पौराणिक कारण है तो अंधविश्वास और वैज्ञानिक कारण भी। आइए जानते हैं आखिरकार क्या मतलब है नींबू-मिर्च को घरों और दुकानों के बाहर टांगने का-
पौराणिक
पौराणिक रूप से देखें तो यह माना जाता है कि है कि दुर्भाग्य की देवी अलक्ष्मी को खट्टा, तीखा और मसालेदार भोजन बहुत प्रिय है। इसलिए अलक्ष्मी को जहां अपना प्रिय भोजन दिखता है वह खाकर बाहर से ही चली जाती है।
अंधविश्वास
असल में जब भी कोई अपनी दूकान खोलता है, तो वह उसके आगे नींबू मिर्च लगा देता है। ताकि कोई भी बुरी नजर वाला उसकी दूकान की तरफ देखे भी तो, वो उसकी तरफ ज्यादा देर तक देख पाए क्योंकि देर तक देखने से उसका मन खट्टा हो जायेगा और इसका प्रभाव उसे बचा लेगा। मतलब दुकान को बुरी नजर वालों से बचाने के लिए दुकान के बाहर नींबू-मिर्ची लगाया जाता है। कुछ ऐसा ही सोचकर लोग अपने घरों, दफ्तरों, ट्रक, रिक्शे इत्यादि के बाहर नींबू-मिर्ची एक धागे में पिरोकर लगाते हैं।
वैज्ञानिक कारण :
जहां आपने नींबू-मिर्ची टांगे जाने के पौराणिक और अंधविश्वास के बारे में जाना, वहीं अब हम आपको इसके वैज्ञानिक कारणों के बारे में बाततें हैं-
नींबू और मिर्च में साइट्रिक एसिड की मात्रा भरपूर पाई जाती है। जो बाहरी बैक्टीरिया को खत्म करने का काम करता है और उसी से बचने के लिए और अपनी सेहत को बनाये रखने के लिए लोग अपने घरों के बाहर नींबू के साथ मिर्च को बांधकर लटकाते थे। जिसे आज के लोग नजर बचाने वाला यंत्र मानने लगे हैं।
दूसरा तथ्य है कि नींबू में मिर्च फंसाने के लिए उसमें होल किया जाता है। इससे नींबू की खुशबू फैलती है, जिससे आस-पास के लोग अच्छा फील करते है और उससे कीड़े भी नहीं आते है। उसकी खुशबू हवा को फ्रेश बनाए रखती है।
रास्ते पर पड़े नींबू-मिर्च पर क्यों नहीं रखने चाहिए पैर :
वहीं आप ने अधिकतर बड़े बुजुर्गो को कहते हुए सुना होगा कि सड़क पर यदि नींबू मिर्च पड़े हों तो उस पर पैर नहीं रखना चाहिए। इसके पीछे कोई अंधविश्वास नहीं है। इसका एक बहुत बड़ा कारण है।
दुकानों या घरों में लगे नींबू-मिर्च को उस स्थान से हटाकर सड़क पर फेंका ही इसलिए जाता है ताकि लोगों के पैर उस पर पड़े। इससे उस व्यक्ति का तो फायदा होता है क्योंकि जितना ज्यादा वो नींबू मिर्च कुचले जाते है उतना ही नकारात्मक सोच व बुरी नजर का प्रभाव कम होता है, और उसकी दुकान या घर पर उसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है । लेकिन जो लोग उस पर पैर रखते हैं, उस नकारात्मक ऊर्जा या बुरी नजर का प्रभाव उनके जीवन पर पडऩे लगता है और उनकी तरक्की व अच्छे कार्यो में बाधा आने लगती है।
कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि नींबू मिर्ची टांगने के पीछे सबके अपने अपने कारण हैं और काफी तक तक यह लोगों की आस्था पर टिका है।
अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

जानिए आखिर क्यों इस गाने को सुनकर लोग कर लेते है खुदकुशी

जानिए आखिर क्यों इस गाने को सुनकर लोग कर लेते है खुदकुशी



After This



गाने हम सभी की ज़िन्दगी में बहुत अहमियत रखते हैं जब हमारा मूड ख़राब होता है तो अकेले में हमारा दर्द बांटते हैं और जब ख़ुशी का मौका हो तो हमारे अंदर जोश भर देते हैं। कुछ गाने को ऐसे होते हैं जो हमारे फेवरेट बन जाते हैं जिन्हे हम कितनी बार भी सुने हमारा मन नहीं भरता। लेकिन क्या आपने कभी ऐसे गाने के बारे में सुना है जिसे सुनकर लोग खुदकुशी कर लेते हैं ? शायद आपका जवाब होगा “ना”। लेकिन यह बात सच है एक ऐसा गाना भी है जिस पर 63 सालों तक बैन लगा रहा क्योंकि इसे सुनकर लोग आश्चर्यजनक तरीके से खुदकुशी कर रहे थे।
दरअसल यह गाना बनाया था 1933 में हंगरी के Rezso Seress नाम के एक संगीतकार ने इस गाने का नाम था “gloomy sunday” और यह गाना रिलीज के साथ ही लोगों का पसंदीदा गाना बन गया और इसे काफी पब्लिसिटी मिली। यह एक दर्द भरा गाना है जो लोगों के दिल को छू जाता है। इस गाने की चौंकाने वाली बात ये थी की जो भी इसे सुनता था उसे अपना दर्द महसूस होता था और इसी कारण इस गाने को सुनकर कई लोगों के खुदकुशी करने के मामले सामने आने लगे। यही कारण था की इस गाने को सबसे मनहूस गाने की उपाधि मिली।
इस गाने को सुनकर खुदकुशी करने का सबसे पहला मामला बर्लिन में सामने आया जब एक लड़के ने ये गाना सुनने के बाद गोली मारकर खुद की जान ले ली। इसके अलावा न्यूयार्क में भी एक बुजुर्ग 7वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी वहीँ हंगरी में एक 17 साल की लड़की ने यह गाना सुनकर पानी में डूबकर खुद को खत्म कर लिया।
इनके बाद दुनिया हर से इस गाने को सुनने के बाद होने वाली खुदकुशी के कई मामले सामने आये। खुदकुशी के इतने मामले सामने आने के बाद हंगरी, ब्रिटेन सहित कई देशों ने इस गाने को सुनने और किसी भी सार्वजानिक स्थानों पर बजाने पर बैन लगा दिया। रोचक बात ये रही की बैन होने के बावजूद भी लोगों में इस गाने को लेकर क्रेज कम नहीं हुआ बल्कि 1941 में अमेरिकन जैज म्यूजिक संगीतकार बैली हॉलिडे ने इस गाने का रीमेक भी बनाया। 63 सालों तक बैन रहने के बाद 2003 में इससे बैन हटा दिया गया। इस गाने की लोकप्रियता ने Rezso को तो प्रसिद्द बना दिया लेकिन इस गाने की वजह से कई लोगों की खुदकुशी के कारण जान भी गई इसी कारण इसे ‘सुसाइड सॉन्ग’ भी कहा जाता है।
Rezso Seress की दर्द भरी कहानी
Rezso Seress की जीवनी और इनकी प्रेम कहानी भी काफी दर्दनाक रही है और अपने इसी दर्द को इन्होने इस गाने में उतारा। 1889 में जन्में Rezso Seress को प्यानो बजाने का शौक था और वो उसमे माहिर भी थे और हमेशा से एक सफल संगीतकार बनना चाहते थे। इन्होने काफी संघर्ष किये लेकिन इन्हे ब्रेक नहीं मिला। काम ना मिलने के कारण Rezso का अपनी गर्लफ्रेंड से भी मनमुटाव होने लगा। Rezso की गर्लफ्रेंड चाहती थी की Rezso कोई भी छोटा मोटा काम करके पैसे कमाए लेकिन Rezso संगीत में अपना मुकाम बनाना चाहते थे।
Rezso ने अपनी गर्लफ्रेंड की बात नहीं मानी और फिर एक दिन 1932 में उनकी गर्लफ्रेंड उन्हें हमेशा हमेशा के लिए छोड़कर चली गई। गर्लफ्रेंड के चले जाने और करियर में मिली असफलताओं के चलते Rezso को काफी सदमा लगा और अपने दर्द को उन्होंने गानों में भरना शुरू किया। फिर 1933 में इन्होने “gloomy sunday” नामक गाना बनाया। इनका दर्द इस गाने के जरिये सभी के दिलों तक पहुंचा और ये गाना पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गया।

बॉल पॉइंट पेन के आविष्कार की दिलचस्प कहानी

बॉल पॉइंट पेन के आविष्कार की दिलचस्प कहानी

बॉल पॉइंट पेन का आविष्कार विज्ञान जगत में किसी क्रांति से कम नहीं हैं, लिखने के लिए आज बॉल पॉइंट पेन का इस्तेमाल पूरी दुनिया में होता है। लेकिन क्या आप इसके इतिहास के बारे में जानते हैं? आखिर किसने बॉल पॉइंट पेन का आविष्कार किया और किस तरह से ये प्रयोग में आने लगा ? शायद बहुत कम लोगों को ही इसके बारे में जानकारी होगी। तो आइये आज हम आपको बॉल पॉइंट पेन के आविष्कार के बारे में पूरी जानकारी देते हैं।
दरअसल बॉल पॉइंट पेन का आविष्कार आज से करीब 8 दशक पुराना है, इसका आविष्कार सन 1931 में हुआ था और इसका आविष्कार करने वाले शख्स का नाम है लेडिस्लाओ जोस बिरो हालाँकि इन्होने बाद में खुद का नाम बदलकर “लाजियो जोसेफ बिरो” रख लिया था और आगे चलकर ये इसी नाम से विख्यात हुए। इनके नाम पर ही इस पेन का नाम रखा गया था “बिरो पेन”। दरअसल जोस बिरो मूल रूप से हंगरी के बुडापेस्ट शहर के हैं और यहीं 1899 में इनका जन्म हुआ था। लेडिस्लाओ जोस बिरो पेशे से पत्रकार, चित्रकार और आविष्कारक थे।
दरअसल उस दौर में फाउंटेन पेन काफी चलन में था लेकिन लिखते समय इसकी स्याही से होने वाले धब्बों से जोस बिरो काफी परेशान हो जाते थे। ऐसे में इनके मन में ख्याल आया की क्यों ना ऐसा पेन बनाया जाए जिसकी स्याही जल्दी से सूख जाये जिससे लिखते समय धब्बे ना पड़ें। जोस बिरो उस दौरान हंगरी में पत्रकारिता करते थे और उन्होंने गौर किया की अख़बारों की छपाई में जो स्याही काम में आती है वो थोड़ी जल्दी सूख जाती है और इससे कागज़ पर धब्बे पड़ने की दिक्कत नहीं होती। फिर इन्होने एक प्रयोग किया और एक फाउंटेन पेन में अखबार की छपाई में काम ली जाने वाली स्याही डाली। लेकिन इस प्रयोग से कुछ ख़ास सफलता नहीं मिली क्योंकि ये स्याही फाउंटेन पेन के लिए बहुत मोटी थी जिस कारण ये फाउंटेन पेन की निब तक पहुँचने में काफी समय लगाती थी।
इसके बाद से इन्होने बॉल पॉइंट पेन का आविष्कार करने की ओर कदम बढ़ाया और फिर इन्होने एक ऐसी निब बनाई जिस पर इन्होने स्याही की एक पतली सी परत लगाई और इस निब में एक छोटी सी बॉल लगाई। जब भी इस निब से कागज़ पर लिखावट की जाती थी तो निब की बॉल घूमती थी और कार्टेज से स्याही प्राप्त करती थी। इस प्रयोग से जोस बिरो बॉल पॉइंट पेन बनाने में सफल हुए लेकिन अब इन्होने ऐसी स्याही बनाने की सोची जो इस पेन के लिए सही हो और जिसकी चिपचिपाहट भी लिखावट और इस पेन की निब के लिए एकदम अनुकूल हो। जोस बिरो के भाई की मेडिकल शॉप थी और उसी की मदद से जोस बिरो ऐसी स्याही बनाने में भी कामयाब रहे। इस सफल आविष्कार के बाद इन दोनों भाइयों ने 15 जुलाई 1938 को इस पेन को “बिरो” नाम से पेटेंट करवाया।
1940 में हंगरी पर नाजियों ने कब्ज़ा कर लिया था और ऐसे में कई नागरिकों समेत जोस बिरो को भी देश छोड़ना पड़ा था और यहाँ से जोस बिरो अर्जेंटीना चले गए। अर्जेंटीना में भी जोस बिरो ने अपने इस बॉल पॉइंट पेन का खूब प्रचार किया और इसके फायदे लोगों को बताये। इसके परिणाम स्वरुप इन्हें ब्रिटेन के रॉयल एयर फोर्स के रूप में अपने पेन का सबसे पहला खरीददार मिला। इस संगठन को ये पेन काफी पसंद आया क्योंकि फाउंटेन पेन के मुकाबले ये पेन काफी अच्छी लिखावट देता था और ऊंचाई पर भी बड़ी आसानी से काम करता था। इसी के चलते इस संगठन ने दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान जोस बिरो को 30,000 पेन का आर्डर दिया।
यूँ तो इस पेन को आज के समय में बॉल पॉइंट पेन के नाम से जाना जाता है लेकिन ब्रिटेन, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया और इटली जैसे देशों में आज भी इस पेन को “बिरो” पेन के नाम से ही जाना जाता है। आज के समय में बॉल पॉइंट पेन में कई बदलाव हो चुके हैं आज इस तरह के पेन की निब सामान्यतः पीतल, स्टील या टंगस्टन कार्बाइड जैसे धातुओं से बनाई जाती है।
आज की बात करें तो बॉल पॉइंट पेन दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला पेन बन चुका है। आपको जानकर आश्चर्य होगा की अमेरिका में चाहे कितनी भी महंगाई हो गई हो लेकिन बिरो पेन की कीमत 1959 से अब तक नहीं बदली है, आज भी ये पेन वहां 19 सेंट में उपलब्ध है।
आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।
अगर ये पोस्ट आपको पसंद आई तो शेयर जरूर करें

20 Amazing fact of science \ विज्ञान से जुड़े 20 ऐसे अद्भुत तथ्य जो आपको हैरान कर

विज्ञान से जुड़े 20 ऐसे अद्भुत तथ्य जो आपको हैरान कर देंगे


दुनिया में विज्ञान के क्षेत्र में हमेशा होने वाली नई-नई खोजों ने हमें हर बार हैरान किया है। विज्ञान ने कई ऐसी पहेलियों को सुलझाया है जो विज्ञान के विकसित होने से पहले नामुमकिन थीं। तेजी से विकसित होते विज्ञान ने हमारे जीवन को सरल बनाने के साथ-साथ बहुत सी चीजों को हमारी जद में ला दिया है। आज हम आपको बताएंगे विज्ञान की कुछ ऐसी अनोखी बातें जो आपको हैरान कर देंगी। आपने अक्सर एक प्रचलित सवाल के बारे में सुना होगा कि पहले मुर्गी आई या अंडा तो आपको बता दें कि विज्ञान ने इसका ये निष्कर्ष निकाला है कि अंडे की खोल में पाया जाने वाला प्रोटीन सिर्फ मुर्गी में पाया जाता है। इस सवाल का माकूल जवाब तो नहीं मिला पर विज्ञान हर रोज कुछ ऐसे तथ्यों को हमारे सामने लाता है जिनके बारे में हम अब तक अंजान थे। आइए आपको भी कुछ ऐसे तथ्यों के बारे में बताते हैं।
1. वैज्ञानिक रोजाना 41 नए जीवों और वनस्पतियों की खोज करते हैं।
2. विज्ञान ने एक ऐसी खोज की है जिसकी मदद से आप अपने मोबाईल फोन को अपने यूरिन यानी पेशाब से विषम परिस्थितियों में चार्ज कर सकते हैं।
3. भूकंप जो तबाही के लिए जाना जाता है उसमें ऐसी क्षमता होती है कि वो पानी को सोने में बदल सकता है।
4. विज्ञान की मदद से मूंगफली के मक्खन यानी पीनट बटर को हीरे में तब्दील किया जा सकता है।
5. विज्ञान टॉक्सिनीरिंग विधि के जरिए जहर को पेनकिलर यानी दर्द निवारक दवा में बदल सकता है।
6. शराब सेहत के लिए हानिकारक है यह तो आपको पता होगा। लेकिन क्या आपको यह पता है कि हमारे दिमाग पर इसका असर होने में केवल 6 मिनट लगते हैं।
7. आकाश से गिरने वाली एक बोल्ट बिजली में सूरज की सतह से पांच गुना ज्यादा गर्मी मौजूद होती है।
8. बारिश के पानी में शरीर के लिए लाभदायी विटामिन बी12 पाया जाता है।
9. आजकल बहुत मात्रा में रेडियोएक्टिव (रेडियोधर्मी) कचरा पाया जाता है। इसे साफ करने के लिए सूरजमुखी के फूल का इस्तेमाल किया जाता है।
10. अगर आपको लंबे बालों का शौक है तो आप सालमन मछली खाएं क्योंकि इससे आपके बाल काफी तेजी से बढ़ते हैं।
11. विज्ञान के अनुसार कुछ परिस्थितियों में गर्म पानी ठंडे पानी से भी ज्यादा जल्दी बर्फ में बदल सकता है।
12. आग पैदा करने के आपने बहुत से तरीके पढ़े होंगे लेकिन क्या आपको पता है कि आप बर्फ से भी आग पैदा कर सकते हैं।
13. किसी स्थान पर मौजूद बम का पता लगाने के लिए आपने खोजी कुत्तों के बारे में तो सुना होगा जिन्हें विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि मधुमक्खियों को भी इसके लिए ट्रेन किया जाता है।
14. पेड़ में छेद करने वाला कठफोड़वा गुरुत्वाकर्षण के मुकाबले 1000 गुना ज्यादा तेजी से अपने सर को आगे-पीछे करता है।
15. संगीत सुनकर जिस तरह से आपका मन खुश हो जाता है उसी तरह से अगर फूलों को संगीत सुनाया जाए तो वे ज्यादा जल्दी बढ़ते हैं।
16. रबर के आविष्कार से पहले पेंसिल से लिखे शब्दों को मिटाने के लिए ब्रेड का इस्तेमाल किया जाता था।
17. जिस समय अपोलो11 लैंड हुआ था उस वक्त उसमें केवल 20 सेकेंड का ईंधन बचा था।
18. कुत्ते उस आवाज को भी सुनने में समर्थ हैं जिन्हें इंसान नहीं सुन सकते।
19. आपने ऑफिस या स्कूल में काटरेज का इस्तेमाल तो देखा ही होगा। लेकिन क्या आपको मालूम है एचपी प्रिंटर की काली स्याही की कीमत खून से भी ज्यादा मंहगी है।
20. 16 दिसंबर 1811 को न्यू मैड्रिड में आया 7.9 रिक्टर के भूंकप की वजह से मिसीसिपी नदी उल्टी बहने लगी थी।
आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।
-- अगर पोस्ट आपको पसंद आई तो शेयर जरूर करें।--

दुनिया के सबसे अजीब फैक्ट्स

दुनिया के सबसे अजीब फैक्ट्स

आज तक आपने कई प्रकार के फैक्ट्स सुने होंगे लेकिन आज हम आपको सबसे अजीब फैक्ट्स बताने जा रहे हैं जो आज से पहले आपने कहीं नहीं सुने होंगे. तो चलिए इनके बारे में विस्तारपूर्वक जानते हैं।
  • चीटियां सो कर उठती है तो सबसे पहले अंगड़ाई लेती है यह बात शायद आपने आज से पहले नहीं सुनी होगी लेकिन यह सत्य है।
  • कुछ तितलियों के बट्स पर नकली सिर होता है जिसे वह शिकारियों को झांसा देने के लिए इस्तेमाल करती है।
  • प्रसिद्ध स्लोगन कीप काम एंड कैरी ऑन अंग्रेजों ने बनाया था जिसे वह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान प्रोपोगंडा के तहत इस्तेमाल करते थे।
  • 2004 में मारवेल ने spider-man का भारतीय वर्जन भी लॉन्च किया था जिसमें पीटर पारकर का नाम पवित्र प्रभाकर और मारिया जैन का नाम मीरा जैन था।
  • हमारे पेट में जो ऐठन होती है वह पेट की मांसपेशियों में रक्त सही नहीं पहुंच पाता इस वजह से होती है।
  • सबसे पहले वेबकैम से एक कॉफी पॉट देखा गया था। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में रिसर्च को ऐसे निर्देश दिए गए थे कि वह बिना अपनी कुर्सी से हटे यह सुनिश्चित करें कि वह किस पर कैसे नजर रख सकते हैं।
  • डॉक्टर्स की खराब हैंडराइटिंग की वजह से यूनाइटेड स्टेट्स में हर साल 7000 लोग मरते हैं।
  • शुरू में ATM का अविष्कार सबसे बड़ा फेलियर माना गया था क्योंकि इसका उपयोग सिर्फ जुआरी और वेश्याएं करा करती थी।
  • गाय को सीढ़ी पर ऊपर ले जाना संभव है पर नीचे उतारना नहीं।
  • 1 घोंगे के लगभग 25000 दांत होते हैं।
  • चिकन टिक्का मसाला जिसकी शुरुआत ग्लासगो में हुई थी वह इंडियंस की सबसे मशहूर डिश मानी जाती है।
  • भारत में गन्ने से चीनी बनाकर और चीनी को क्रिस्टल का आकर देकर पूरी दुनिया को नई चीज से अवगत कराया था।