Sunday, 12 November 2017

Science कहता है। मंदिर जाना स्वास्थ्य के लिए होता है अच्छा

Science कहता है। मंदिर जाना स्वास्थ्य के लिए होता है अच्छा



आमतौर पर मंदिर में जाना धर्मिक से जोड़ा जाता है। लेकिन मंदिर जाने के कुछ साइंटिफिक हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं। अगर हम रोज मंदिर जाते हैं तो इससे कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स कंट्रोल की जा सकती हैं। यहां जानिए ऐसे 7 फायदे जो हमें रोज मंदिर जाने से मिलते हैं।


1-हाई BP कंट्रोल करने के लिए
मंदिर के अंदर नंगे पैर जाने से यहां की पॉजिटिव एनर्जी पैरों के जरिए हमारी बॉडी में प्रवेश करती है। नंगे पैर चलने के कारण पैरों में मौजूद प्रेशर प्वाइंट्स पर दवाब भी पड़ता है, जिससे हाई BP की प्रॉब्लम कंट्रोल होती है।
2-कॉन्सेंट्रेशन बढ़ाने के लिए
रोज़ मंदिर जाने और भौहों के बीच माथे पर तिलक लगाने से हमारे ब्रेन के ख़ास हिस्से पर दवाब पड़ता है। इससे कॉन्सेंट्रेशन बढ़ता है।
3-एनर्जी लेवल बढ़ाने के लिए
रिसर्च कहती है, जब हम मंदिर का घंटा बजाते हैं, तो 7 सेकण्ड्स तक हमारे कानों में उसकी आवाज़ गूंजती है। इस दौरान बॉडी में सुकून पहुंचाने वाले 7 प्वाइंट्स एक्टिव हो जाते हैं। इससे एनर्जी लेवल बढ़ाने में हेल्प मिलती है।
4-इम्युनिटी बढ़ाने के लिए
मंदिर में दोनों हाथ जोड़कर पूजा करने से हथेलियों और उंगलियों के उन प्वॉइंटस पर दवाब बढ़ता है, जो बॉडी के कई पार्ट्स से जुड़े होते हैं। इससे बॉडी फंक्शन सुधरते हैं और इम्युनिटी बढ़ती है।
5-बैक्टीरिया से बचाव के लिए
मंदिर में मौजूद कपूर और हवन का धुआं बैक्टीरिया ख़त्म करता है। इससे वायरल इंफेक्शन का खतरा टलता है

6-स्ट्रेस दूर करने के लिए
मंदिर का शांत माहौल और शंख की आवाज़ मेंटली रिलैक्स करती है। इससे स्ट्रेस दूर होता है।
7-डिप्रेशन दूर होता है
रोज़ मंदिर जाने और भगवान की आरती गाने से ब्रेन फंक्शन सुधरते हैं। इससे डिप्रेशन दूर होता है।



15 Amazing Facts About The Great Wall Of China In Hindi

15 Amazing  Facts About The Great Wall Of China In Hindi





विश्व के 7 आश्चर्यों में शुमार, चीन की दीवार, वास्तव में अपने आप में एक अजूबा है। इस दीवार को पूरा करने में कई सदियां लग गई थी। आज हम आपको इस से जुड़े कुछ रोचक और आश्चर्यजनक फैक्ट्स के बारे में बताने जा रहे हैं।
1. चीन का ये विशाल दीवार 7वीं शताब्दी यानी कि 2800 साल पहले बनना शुरू हुआ था और इसे पूरा होने में करीब दो हजार साल लग गए थे। इस फेमस दीवार का निर्माण राजा किन शिहुआंग ने शुरू करवाया था।
2. एक समय इस दीवार को कई नामों से जाना जाता था, जिनमें रमपंत, परपल फ्रॉंट्रियर, अर्थ ड्रैगन शामिल थे। हालांकि, 19वीं शताब्दी में इसका ऑफिशियल नाम ग्रेट वॉल ऑफ चाइना पड़ा।
3. इस दीवार के कुछ हिस्से आपस में जुड़े हुए नहीं है। अगर इसके सारे हिस्सों को जोड़ दिया जाए, तो इसकी कुल लम्बाई 8848 किलोमीटर हो जाएगी।
4. एक अनुमान के मुताबिक़, इस दीवार को बनाने में करीब 20 से 30 लाख लोगों ने अपना पूरा जीवन लगा दिया था।
5. दीवार इतनी चौड़ी है कि उस पर एक साथ 5 घोड़े या 10 लोग पैदल चल सकते हैं।
6. वैसे तो इसे दुश्मनों से बचाव के लिए बनाया गया था लेकिन सदियों तक इसका इस्तेमाल ट्रेड के लिए किया जाता रहा।
7. दीवार के निर्माण में जो लोग कोताही बरतते थे, उन्हें इसकी दीवार की नींव में दफना दिया गया था। इसलिए इसे दुनिया का सबसे लंबा कब्रिस्तान भी कहते हैं।
8. इस दीवार को तोड़कर कई लोगों ने चीन पर हमला भी किया था। जैसे 1211 में चंगेज खान ने।
9. दुश्मनों पर नजर रखने के लिए इसमें कई निरिक्षण मीनारें भी बनाई गई हैं।
10. दीवार को बनाते वक़्त इसके पत्थरों को जोड़ने में चावल के आटे का इस्तेमाल किया गया।
11. इस दीवार की अधिकतम ऊंचाई 35 तक है।
12. चीनी भाषा में इस दीवार को ‘वान ली छांग छंग’ कहते है।
13. एक करोड़ पर्यटक हर साल इसको देखने आते हैं।
14. यह एक मात्र मानव निर्मित आकृति है जिसे आकाश से से देखा जा सकता है।
15. भारत में स्तिथ कुम्भलगढ़ की दीवार विश्व की दूसरी सबसे लम्बी दीवार है। हालांकि ये चीन की दीवार से कई सौ गुना छोटी है। इसकी कुल लम्बाई 36 किलोमीटर है।
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